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Answer :

सामाजिक संजाल (सोशल नेटवर्किंग) वरदान या अभिशाप


प्रस्तावना- सोशल मीडिया एक अपरंपरागत मीडिया है। इंटरनेट के माध्यम से ही इसका संचालन किया जा सकता है। सोशल मीडिया एक विशाल नेटवर्क है जिससे सारी दुनिया आपस में जुड़ी रहती है। ये दूरसंचार का सबसे अच्छा माध्यम है। इसके जरिए आप पल में किसी भी व्यक्ति के बारे में पता कर सकते हैं जानकारी साझा कर सकते हैं| ये हर तरह की सूचना को एक जगह से दूसरी जगह तक बहुत ही कम समय में पहुंचाता है। अपने साथी, मित्रों और परिवार वालों से जुड़े रहने का ये सबसे आसान जरिया है।


सोशल नेटवर्किंग के लाभ- सोशल नेटवर्किंग के निम्नलिखित लाभ हैं।


- आप कम समय में दूसरे व्यक्ति से बात कर सकते हैं। इसमें जरूरी नहीं कि आप उनसे फोन पर ही बात करें। आप चाहें तो उन्हें एक संदेश भेजकर भी बात कर सकते हैं।


- अगर आप किसी अंजान जगह फंस गए हैं तो अपनी लोकेशन आप तुरंत अपने दोस्त या परिवार वालों के साथ शेयर कर सकते हैं।


- कहीं भी आने जाने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाना लगा है।


- अगर आपका कोई संबंधी आपसे दूर रह रहा है तो वीडियो कॉल के जरिए आप उससे बात कर उसकी जानकारी ले सकते हैं।


सोशल नेटवर्किंग से हानियां- जहां एक तरफ सोशल नेटवर्किंग के अनगिनत लाभ हैं वहीं दूसरी ओर इससे होने वाली हानियां भी कम नहीं हैं। ये एक ऐसी लत है जो अगर एक बार लग जाए तो आसानी से छूटती नहीं है। यहां तक कि कई सर्वे करने के बाद पता चला है कि इससे लोगों को भावनात्मक और मानसिक तनाव तक हो जाता है। यह लोगों के जीवन का एक अभिन्न अंग बन गया है। यदि एक बार कोई सोशल साइट नहीं खोली तो दिन अधूरा सा लगने लगता है जो बहुत ही गलत है। हम इसकी दुनिया में इसकदर घुस जाते हैं कि अपने दोस्तों और सगे संबंधियों से दूर जाने लगते हैं।


उचित प्रयोग के लिए सुझाव- अधिकतर लोग इसमें अपने बारे में जरूरत से ज्यादा परिचय दे देते हैं जिसके उनकी निजी जानकारियाँ चोरी होने का डर बना रहता है। नेटवर्क हेक कर इन पर कुछ आपत्तिजनक चीजें भी आने लगती हैं जो बच्चों के लिए अच्छी नहीं होती। लोग आपकी फोटो का गलत इस्तेमाल तक कर सकते हैं। इसे काफी देर तक प्रयोग न करें और हमेशा अपना अकाउंट लॉग आउट करके रखना चाहिए। साथ ही निजी जानकारी को भी किसी सोशल साइट पर अपलोड न करें और तस्वीरें भी कहीं न डालें। बच्चों को अपनी निगरानी में ही इन सब चीजों का इस्तेमाल करने देना चाहिए।


उपसंहार- सोशल नेटवर्किंग हमारे लिए वरदान के साथ साथ अभिशाप भी है। लोग इसका सही उपयोग कम और गलत उपयोग ज्यादा करते हैं। इस वजह से नुकसान भुगतना पड़ जाता है। हमें सोशल साइट सिर्फ मनोरंजन या फिर बहुत ही आवश्यक काम के लिए चलानी चाहिए और इसका आदी तो भूलकर भी नहीं बनना चाहिए।


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