Answer :

क) छन्नी-ककना- बुधीया माँ ने अपने पुत्र को बचाने के लिए छन्नी-ककना तक बेच दिया|


अढ़ाई-मास- वह तो अढाई-मास में सिर्फ नौ कोस चले। पास-पड़ोस- पास-पङोस के सभी लोग हमारे शुभचिंतक होते हैं| दुअन्नी-चवन्नी- यहां तो सिर्फ दुअन्नी-चौवन्नी की बात है। मुँह-अँधेरे- मुझे मुँह-अँधेरे निकलकर सैर करने की आदत है|


झाड़ना-फूँकना- वर्तमान डॉक्टर झाड़ने फूकने को उचित नहीं मानते|


ख) फफक-फफककर- वह अपने प्रियजन की मृत्यु पर फफक-फफककर रोने लगा। बिलख-बिलखकर- देखो तो! महेश बच्चों की तरह बिलख-बिलखकर रो रहा है?


तड़प-तड़पकर - उन्होंने पुत्र वियोग में तङप-तङपकर अपनी जान दे दी। लिपट-लिपटकर- वह बच्चा अपनी मां से लिपट-लिपटकर रो रहा है।


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