Q. 84.5( 13 Votes )

Answer :

(1) हालदार साहब उस चौराहे से तीसरी बार गुजर रहे थे। उन्होंने दुकान पर रुककर पान खाया। जब उनकी नजर मूर्ति पर पड़ी तो उन्होंने देखा कि इस बार भी चश्मा बदला हुआ था। मूर्ति का चश्मा एक बार फिर बदला हुआ देख हालदार के लिए कौतूहल दुर्दमनीय हो गया। इसके बाद उन्होंने पानवाले से पूछ ही लिया कि आखिरकार तुम्हारे नेताजी का चश्मा हर बार कैसे बदल जाता है।


(2) बालगोबिन भगत बहुत ही सादगी से अपना जीवन जीते थे। उनका स्वभाव सरल और निस्वार्थ था। जो चीज उनके पास होती थी वो उसी में काम चलाया करते थे। वो बिना पूछे किसी दूसरे की चीज को छूते तक नहीं थे। इसी कारण बालगोबिन भगत की दिनचर्या देख लोग अचरज में पड़ जाते थे।


(3) लेखिका मन्नू भंडारी का रंग बचपन से सांवला था। वो दुबली-पतली भी थीं। जबकि उनकी बड़ी बहन सुशीला गोरी और अच्छी कद—काठी वाली थी। मन्नू के पिता को गोरा रंग पसंद था। वो बातों-बातों में मन्नू की तुलना उनकी बड़ी बहन से कर दिया करते थे। पिता की ये बातें मन्नू को बहुत बुरी लगती थीं। ये बातें सुनते-सुनते लेखिका के मन में स्वयं के प्रति हीन भावना पैदा हो गई थी।


(4) उस्ताद बिस्मिल्ला खां की बहुत सारी यादें काशी से जुड़ी हुई थीं। उन्हें काशी से इसलिए भी बहुत लगाव था क्योंकि बाबा विश्वनाथ और बालाजी का मंदिर वहाँ था। विश्वनाथ और बालाजी में उनकी बहुत आस्था थी। उनके पूर्वज ने काशी में रहकर शहनाई बजाई। काशी में ही बिस्मिल्ला खां का बचपन बीता था। इसलिए वो काशी छोड़कर कहीं और नहीं जाना चाहते थे।


(5) नवाब साहब को दिखावा करने की आदत थी। नवाब साहब पहले खीरे को सूंघते हैं और फिर उसे खाते हैं। वो लेखक को ये दिखाना चाहते थे कि नवाब जैसे रईस लोग खीरे जैसी साधारण चीज को भी आनंद लेकर खाते हैं। ऐसा वो दिखावा करने की प्रवृत्ति के चलते करते थे।


Rate this question :

How useful is this solution?
We strive to provide quality solutions. Please rate us to serve you better.
Try our Mini CourseMaster Important Topics in 7 DaysLearn from IITians, NITians, Doctors & Academic Experts
Dedicated counsellor for each student
24X7 Doubt Resolution
Daily Report Card
Detailed Performance Evaluation
caricature
view all courses
RELATED QUESTIONS :

Hindi (Course A) - Board Papers

‘आप चैन की नींद सHindi (Course A) - Board Papers

Hindi (Course B) - Board Papers

Hindi (Course B) - Board Papers

Hindi (Course A) - Board Papers

Hindi (Course B) - Board Papers