Q. 24.1( 11 Votes )

Answer :

(1) इन पंक्तियों में मजदूर का महत्व बताया है। मजदूर के पास इतनी शक्ति है कि वह अपने कर्म और परिश्रम से धरा पर स्वर्ग बना सकता है।


(2) मजदूर इस धरा पर घर बनाता है। वो कह रहा है कि मुझे देवताओं की बस्ती से कोई लेना-देना नहीं है क्योंकि वो स्वयं कई बार धरा पर स्वर्ग बना सकता है।


(3) मजदूर ने प्रलय, भूचाल और मेघ से अपनी निर्भयता प्रकट की है क्योंकि वो खंडहर को भी आबाद कर सकता है।


(4) इस पंक्ति में ‘मैं’ शब्द मजदूर को संबोधित कर रहा है। कवि कहना चाहता है कि मजदूर कहने भर से दुनिया के सभी क्रियाशील प्राणी इसमें आ जाते हैं।


(5) मजदूर ने अपने आत्मविश्वास को ये कहकर प्रकट किया है कि वो खंहडर को भी आबाद कर सकता है। उसके सामने बादल, प्रलय और भूचाल भी झुक जाते हैं।


अथवा


(1) फूल ने कवि से कहा है कि तुमने ऋतु के बारे में इतना कुछ लिखा क्या कभी हमें देखा है। हम फूलों ने ही कड़ी धूप, छांव, बरसात, जाड़ा और पाला झेला है। हम फूलों के कारण ही ये क्यारी सुंदर नजर आ रही है।


(2) वसंत की धन्यता अनगिनत फूलों से है।


(3) फूल ने कवि से कहा है कि उसने और उसके साथियों ने मिट्टी का अंधेरा फोड़ सूरज से आंखें मिलाई हैं।


(4) फूलों और उसके अनगिनत साथियों ने धूप, जाड़ा, पाला और बरसात झेली है।


(5) हंसते खिलखिलाते फूलों को देख कवि का मन तृप्त हो गया। शरीर में जैसे प्राण आ गए हों। खुशबू से मन खुश हो गया। रंग-बिरंगे फूलों को देख मन प्रसन्न हो गया।


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