Answer :

(क) कोलाहल हो या सन्नाटा हो कविता हर परिस्थिति में सृजन करती है। कविता के सृजन के लिए किसी विशेष परिस्थिति की आवश्यकता नहीं होती|

(ख) जब-जब जीवन में अंधकार रूपी निराशाएं बढ़ती हैं तब-तब कविता सूर्य की भांति हमारे मन में आशा अथवा प्रकाश का संचार करती है।


(ग) जब चेतना शब्दहीन हो जाती है उस परिस्थिति में गलियों का चैन लुट जाता है|


(घ) अपने भी हो गए पराए


यों झूठे अनुबंध हो गए


घऱ में ही वनवास हो रहा


यों गूंगे संबंध हो गए।


(ड.) जीवन में जब कुछ भी गलत घटित हो जाता है अथवा जब एक कर्मठ व्यक्ति अकर्मण्य हो जाता है उस परिस्थिति में कविता जीना सिखाती है|


OR


(क) ‘जो बीत गई सो बात गई’ से तात्पर्य है कि हमें बीते समय के बारे में ज्यादा नहीं सोचना चाहिए। बीता हुआ समय कभी वापिस नहीं आ सकता और इसलिए इसके बारे में सोचने से हमें कुछ भी हासिल नहीं होने वाला| बीते समय के बारे में सोचना व्यर्थ है| हमें अपने बीते समय के बारे में नहीं सोचना चाहिए|


(ख) रात में जब तारे टूटते हैं तब आकाश की ओर देखना चाहिए। इस घटना को देखकर हमें विकट परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखने की सीख मिलती है|


(ग) ) ‘सूखे फूल’ बीते हुए समय और ‘मधुबन’ जीवन का प्रतीक है।


(घ) ‘अम्बर अर्थात आकाश टूटे तारों का शोक नहीं मनाता|


(घ) मेरे विचार से जीवन में एक सितारा अत्यंत प्रिय व्यक्ति अथवा सुख को माना गया होगा।


Rate this question :

How useful is this solution?
We strive to provide quality solutions. Please rate us to serve you better.
Related Videos
Glimpses of IndiaGlimpses of IndiaGlimpses of India39 mins
Plane MirrorPlane MirrorPlane Mirror38 mins
Spherical MirrorSpherical MirrorSpherical Mirror35 mins
Concave MirrorConcave MirrorConcave Mirror33 mins
Try our Mini CourseMaster Important Topics in 7 DaysLearn from IITians, NITians, Doctors & Academic Experts
Dedicated counsellor for each student
24X7 Doubt Resolution
Daily Report Card
Detailed Performance Evaluation
caricature
view all courses
RELATED QUESTIONS :

Hindi (Course A) - Board Papers