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माता का अंचल’ पाठ में भोलानाथ द्वारा चूहे के बिल में पानी डालना बच्चों की किस मनोवृत्ति को प्रकट करता है? क्या यह उचित? पशु-पक्षियों के संरक्षण के उपाय ही बताइए।

अथवा

समाचार-पत्रों की जन-जागरण में क्या भूमिका होती है? ‘जॉर्ज पंचम की नाक’ पाठ के आधार पर स्पष्ट किजिए।

Answer :

पाठ में भोलानाथ के चूहे के बिल में पानी डालने से लगता है कि वो शरारती प्रवृत्ति का है। बिल में पानी डालना किसी भी प्रकार से उचित नहीं है। प्रकृत्ति के लिए पशु-पक्षी का होना बहुत जरूरी है। इसी से प्रकृत्ति संतुलित रहती है। इस पूरे प्राणी वर्ग में किसी एक के भी ना रहने पर प्रकृत्ति असंतुलित हो जाएगी। स्कूल में बच्चों को पशु-पक्षियों का संरक्षण करने के बारे में आवश्यक रूप से शिक्षित किया जाना चाहिए क्योंकि ये भविष्य के नागरिक हैं और ये प्रकृति को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।


अथवा


समाज में घट रही छोटी-बड़ी घटनाओं को जानने के लिए समाचार पत्र बहुत जरूरी है। इससे लोगों को समाज की समस्याओं के बारे में पता चलता है। इसके अलावा अब खान-पान और पहनावे से संबंधित खबरें भी छपती हैं। समाचार पत्रों का मुख्य काम है समाज को जाग्रत करना, वर्तमान सन्दर्भ से परिचित कराना, उन तक खबर पहुँचाना और समाज के लोगों को सही दिशा दिखाना।


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PREVIOUSनिम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में लिखिए-(1) ‘संगतकार’ कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि संगतकार जैसे व्यक्ति सर्वगुण सम्पन्न होकर भी समाज में आगे न आकर प्राय: पीछे ही क्यों रहते हैं?(2) धनुष भंग करने वाली सभा में एकत्रित जन ‘हाय-हाय’ क्यों पुकारने लगे थे?(3) ‘राम-लक्ष्मण परशुराम संवाद’ पाठ के आधार पर अपने विचार लिखिए।(4) वर्तमान सन्दर्भों में ‘कन्यादान’ कविता कितनी उपयुक्त है? स्पष्ट कीजिए।(5) सामाजिक क्रांति में साहित्य की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ‘उत्साह’ कविता के आधार पर इस कथन की समीक्षा किजिए।(6) यह ‘दंतुरित मुस्कान’ कविता में ‘बाँस और बबूल’ किसके प्रतीक बताए गए हैं?इन पर शिशु की मुस्कान का क्या असर होता है?NEXTनिम्नलिखित में से किसी के विषय पर दिए गए संकेत बिन्दुओं के आधार पर लगभग 200 से 250 शब्दों में निबन्ध लिखिए- (1) आपदा प्रबंधन  • प्रस्तावना • प्राकृतिक आपदाएं • दोषी कौन • सरकार की जिम्मेदारी • नागरिकों के कर्तव्य • उपाय
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निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिएः

पुराने जमाने में स्त्रियों के लिए कोई विश्वविद्यालय न था। फिर नियमबद्ध प्रणाणी का उल्लेख आदि पुराणों में न मिले तो क्या आश्चर्य ? और, उल्लेख उसका कहीं रहा हो, पर न्ष्ट ह गया हो तो ? पुराने जमाने में विमान उड़ते थे। बताइए उनके बनाने की विद्या सिखाने वाला कोई शास्त्र ! बड़े-बड़े जहाज़ों पर सवार होकर लोग द्वीपांतरों को जाते थे। दिखाइए, जहाज बनाने की नियमबद्ध प्रणाली के दर्शक ग्रंथ! पुराणवादि में वमानों और जह़ाजों द्वरा की गई यात्राओं के हवाले देखकर उनका अस्तित्व तो हम बड़े गर्व से स्वीकार करते हैं, परंतु पुराने ग्रंथों में अनेक प्रगल्भ पंडिताओं के नामोल्लेख देखकर भी कुछ लोग भारत की तत्कालीन स्त्रियों को मूर्ख, अपढ़ और गँवार बताते हैं ।


क) पुराणों में नियमबद्ध शिक्षा-प्रणाली न मिलने पर लेखक आश्चर्य क्यों नहीं मानता?


ख) जहाज़ बनाने के कोई ग्रंथ न होने या न मिलने पर लेखक क्या बताना चहता है?


ग) शिक्षा की नियमावली का न मिलना, स्त्रियों की अपढ़ता का सबूत क्यों नहीं है?

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