Answer :

बाज की मृत्यु के बाद लहरों का गीत सुनकर सांप में साहसपूर्ण जिंदगी जीने की प्रेरणा जागी होगी। बाज की अंत समय तक उड़ान भरने की इच्छा ने जरूर उससे कहा होगा कि जब एक दिन मरना ही है तो क्यों न जीवन के हर पल को खुशी और निडरता के साथ जिया जाए। बाज का साहस देखकर उसकी कायरता ने तुरंत भाग खड़े होने का फैसला कर लिया होगा। बाज की तरह सांप ने भी दोबारा उठने का प्रयास किया होगा। उसने जरूर जमीन पर रेंगने की बजाए अपने शरीर को हवा में उछाला होगा।

आगे की कहानी:


बाज की मृत्यु के बाद दुखी सांप ने अपना शरीर हवा में उछाला तो होगा, लेकिन पंख न होने की वजह से वह वापस धरातल पर आ गिरा होगा। आकाश की शून्यता एवं विस्तार उसमें जोश भर रहे थे। इसके बावजूद सांप ने बार-बार उठने का प्रयत्न किया होगा। हां, बल लगाकर शरीर उछालने के कारण वह इस बार चट्टान पर न गिरा। वह सरिता की धारा में गिरा। सरिता की सफेद लहरों ने उसे ढक लिया होगा, साँप ने जल्दी ही अपना फन धारा के ऊपर उठाया और तैरकर बाहर आ गया। इस प्रकार वह उड़ने का प्रयास लगातार करता रहा होगा और प्रयास करने पर हमेशा संतुष्टि प्राप्त होती है| संभव है साँप उड़ न पाया होगा परन्तु उसके मन में उड़ने का हर संभव प्रयास करने की संतुष्टि अवश्य रही होगी|


Rate this question :

How useful is this solution?
We strive to provide quality solutions. Please rate us to serve you better.
Try our Mini CourseMaster Important Topics in 7 DaysLearn from IITians, NITians, Doctors & Academic Experts
Dedicated counsellor for each student
24X7 Doubt Resolution
Daily Report Card
Detailed Performance Evaluation
caricature
view all courses
RELATED QUESTIONS :

NCERT Hindi -वसंत भाग 3

NCERT Hindi -वसंत भाग 3

NCERT Hindi -वसंत भाग 3

NCERT Hindi -वसंत भाग 3

NCERT Hindi -वसंत भाग 3

NCERT Hindi -वसंत भाग 3

NCERT Hindi -वसंत भाग 3

NCERT Hindi -वसंत भाग 3

NCERT Hindi -वसंत भाग 3

NCERT Hindi -वसंत भाग 3