Answer :

() यथार्थ- सही अर्थ (अव्ययीभाव समास)

इस समास में पहला या पूर्वपद अव्यय होता है और उसका अर्थ प्रधान होता है। वह अव्ययीभाव समास कहलाता है|


शांतिप्रिय- शांति को प्रिय बनाने वाला (कर्मधारय समास)


वह समास जिसका पहला पद विशेषण एवं दूसरा पद विशेष्य होता है अथवा


पूर्वपद एवं उत्तरपद में उपमान – उपमेय का सम्बन्ध माना जाता है कर्मधारय


समास कहलाता है।


भीमार्जुन भीम और अर्जुन (द्वंद समास)


जिस समास के दोनों पद प्रधान होते हैं तथा विग्रह करने पर 'और', 'अथवा',


'या', 'एवं' लगता हो, वह 'द्वंद्व समास' कहलाता है


() विद्या रूपी धन विद्याधन (कर्मधारय समास)


वह समास जिसका पहला पद विशेषण एवं दूसरा पद विशेष्य होता है अथवा


पूर्वपद एवं उत्तरपद में उपमान – उपमेय का सम्बन्ध माना जाता है कर्मधारय


समास कहलाता है।


चंद्र है शिखर पर जिसके अर्थात् शिव- चंद्रशेखर (बहुवृहि समास)


बहुव्रीहि समास ऐसा समास होता है जिसके समस्त्पदों में से कोई भी पद


प्रधान नहीं होता एवं दोनों पद मिलकर किसी तीसरे पद की और संकेत करते


हैं वह समास बहुव्रीहि समास कहलाता है।


युद्ध में वीर- युद्धवीर (अधिकरण तत्पुरुष समास)


वह समास जिसमें उत्तरपद प्रधान होता है, अर्थात प्रथम पद गौण होता है एवं उत्तर पद की प्रधानता होती है व समास विग्रह करते वक़्त बीच की विभक्ति का लोप हो जाता है। वहाँ तत्पुरुष समास होता है|


Rate this question :

How useful is this solution?
We strive to provide quality solutions. Please rate us to serve you better.
Related Videos
Glimpses of IndiaGlimpses of IndiaGlimpses of India39 mins
Try our Mini CourseMaster Important Topics in 7 DaysLearn from IITians, NITians, Doctors & Academic Experts
Dedicated counsellor for each student
24X7 Doubt Resolution
Daily Report Card
Detailed Performance Evaluation
caricature
view all courses
RELATED QUESTIONS :

Hindi (Course A) - Board Papers

Hindi (Course B) - Board Papers

(<sHindi (Course A) - Board Papers

Hindi (Course A) - Board Papers

Hindi (Course A) - Board Papers

Hindi (Course A) - Board Papers

Hindi (Course B) - Board Papers

Hindi (Course A) - Board Papers

Hindi (Course B) - Board Papers