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Answer :

इंटरनेट- दिव्यास्त्र या विषबाण


विज्ञान बने वरदान, इसे तुम अभिशाप न बनने दो


समझो इसको दास, इसे तुम बाप न बनने दो


• प्रस्तावना- इंटरनेट अपने आप में कोई अविष्कार नहीं है। इंटरनेट का जन्म सन् 1969 में अमेरिका में किया गया था। हमारे भारत देश में इंटरनेट 80 दशक में आया था। आज के इस आधुनिक युग में इंटरनेट ने मनुष्य के जीवन को बहुत ही सरल और ज्ञानवर्धक बना दिया है। इंटरनेट शब्द को आज सभी लोग जानते हैं। बच्चे हों या बड़े सभी लोग इसका प्रयोग करना अच्छी तरह से जानते हैं। अगर सही अर्थों में देखा जाए तो आज इंटरनेट हम सभी के लिए जीने की वजह बन चुका है। आज हम इंटरनेट का उपयोग व्यापार, शिक्षा, चिकित्सा, परिवहन, स्कूलों, कालेजों, पारंपरिक कार्यक्रम, और निजी जीवन हर क्षेत्र में कर रहे हैं।


• लाभ-हानियां- इंटरनेट ने मनुष्य के जीवन में जितनी सुविधाएँ दी है उतना ही यह धीरे-धीरे मनुष्य के लिए खतरा बनता जा रहा है। आज इंटरनेट घर-घर तक पहुंच चुका है और बच्चे से बूढ़े तक हर कोई इसका उपयोग कर रहे हैं। भले ही लोग इंटरनेट को मनोरंजन के रूप में उपयोग कर रहे हैं या व्यापार के लिए इंटरनेट के लाभ और हानियों के बारे में पता होना चाहिए।


लाभ-


(क) इंटरनेट की सहायता से हम किसी भी प्रकार की जानकारी और किसी भी सवाल का हल कुछ ही पलों में प्राप्त कर सकते हैं।


(ख) इंटरनेट के माध्यम से दुनिया के किसी भी कोने में बैठे किसी भी व्यक्ति से बिना शुल्क के घंटों तक बातें कर सकते हैं।


(ग) इसकी सहायता से हम दुनिया के किसी भी कोने मेल के माध्यम से जरूरी दस्तावेजों को पलक झपकते ही भेज सकते हैं और प्राप्त कर सकते हैं।


(घ) इंटरनेट की मदद से आसानी से हम घर बैठे अपने सभी बिलों का भुगतान कर सकते हैं।


(ङ) विश्व की सभी बड़ी कंपनियां अपने व्यापार को और आगे ले जाने के लिए इंटरनेट की मदद ले रही हैं। विश्व की सभी कंपनियां- ऑनलाइन एडवरटाइजिंग, एफिलिएट मार्केटिंग और वेबसाइट की मदद से अपने व्यापार को इंटरनेट के माध्यम से पूरे विश्व भर में फ़ैलाने की कोशिश कर रहे हैं।


हानियाँ-


(क) समय की बर्बादी


(ख) शोषण, अश्लीलता और हिंसक गतिविधियाँ


(ग) इंटरनेट की लत और इसका स्वास्थ्य पर प्रभाव


(घ) इंटरनेट से रेलवे टिकेट बुकिंग, होटल रिसर्वेशन, ऑनलाइन शॉपिंग, ऑनलाइन बैंकिंग, नौकरी की खोज आदि सुविधाएँ घर बैठे ही मिल जाती हैं लेकिन इससे पर्सनल जानकारी जैसे आपका नाम, पता और फोन नंबर का गलत उपयोग होने का खतरा भी बना रहता है। आज के समय में गोपनीय दस्तावेजों की चोरी भी होने लगी है।


• उपसंहार- इंटरनेट हमारा सबसे अच्छा दोस्त है। इसके फायदे एवं नुकसान दोनों ही है जोकि प्रत्यके बस्तु के होते है| यह एक सर्वथा सत्य बात है कि प्रत्येक बस्तु के हानि एवं लाभ दोनों होते है जोकि इन्टरनेट के मामले में भी सत्य है| महत्वपूर्ण यह है कि हम इसका किस प्रकार से उपयोग करते हैं| हमें सदैव इसका लाभ उठाना चाहिए जिससे हमें इससे फायदा हो सके। इसके कुछ नुकसान भी होते हैं इसलिए हमें इसके नुकसानों से दूर भी रहना चाहिए। इंटरनेट को सही तरीके से अपने ज़रूरत और काम में लगायें।


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