Q. 1 C24.2( 13 Votes )

निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए-

फिर भी जैसे मौत और विपत्ति के बीच भी आदमी मोह और माया के बंधन में जकड़ा रहता है, मैं फटकार और घुड़कियाँ खाकर भी खेल-कूद का तिरस्कार न कर सकता था।

Answer :

जीवन के मुश्किल समय में भी मनुष्य मोह-माया से अलग नहीं रह सकता। उसी प्रकार, लेखक को खेल कूद के सामने बड़े भाई साहब की डांट, नसीहत कुछ असर ना करती। लेखक को खूब डांट-फटकार पड़ती लेकिन इसे बावजूद भी वह खेलना ना छोड़ता। मैदान की सुखद हरियाली, वॉलीबॉल की तेजी और फुरती, फुटबॉल की उछलकूद देख छोटे भाई साहब खुद को खेलने से रोक ना पाते। समय-समय पर भाई साहब के डर से टाइम टेबल तो बन जाता लेकिन उस पर अमल ना हो पाता।


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क्रियाएँ मुख्यतः दो प्रकार की होती हैं-सकर्मक और अकर्मक।

सकर्मक क्रिया- वाक्य में जिस क्रिया के प्रयोग में कर्म की अपेक्षा रहती है, उसे सकर्मक क्रिया कहते हैं;


जैसे-शीला ने सेब खाया।


मोहन पानी पी रहा है।


अकर्मक क्रिया- वाक्य में जिस क्रिया के प्रयोग में कर्म की अपेक्षा नहीं होती, उसे अकर्मक क्रिया कहते हैं;


जैसे-शीला हँसती है।


बच्चा रो रहा है।


नीचे दिए वाक्यों में कौन-सी क्रिया है- सकर्मक या अकर्मक? लिखिए-


(क) उन्होने वहीं हाथ पकड़ लिया।


(ख) फिर चोरों-सा जीवन कटने लगा।


(ग) शैतान का हाल भी पढ़ा ही हौगा।


(घ) मैं यह लताड़ सुनकर आँसू बहाने लगा।


(ड-) समय की पाबंदी पर एक निबंध लिखो।


(च) मैं पीछे-पीछे दौड़ रहा था।

NCERT Hindi - स्पर्श भाग 2