Q. 14.1( 17 Votes )

बहुत दिन हुए / हमें अपने मन के छंद छुए। इस पंक्ति का अर्थ और क्या हो सकता है? नीचे दिए हुए वाक्यों की सहायता से सोचिए और अर्थ लिखिए-

() बहुत दिन हो गए, मन में उमंग नहीं आई।

() बहुत दिन हो गए, मन के भीतर कविता-सी कोई बात नहीं उठी, जिसमें छंद हो, लय हो।

() बहुत दिन हो गए, गाने-गुनगुनाने का मन नहीं हुआ।

() बहुत दिन हो गए, मन का दुख दूर नहीं हुआ और मन में खुशी आई।

Answer :

बहुत दिन हो गए, मन का दुःख दूर नहीं हुआ और मन में खुशी आई|


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PREVIOUSपहली कठपुतली ने स्वयं कहा कि - ‘ये धागे/क्यों हैं मेरे पीछे-आगे? /इन्हें तोड़ दो; / मुझे मेरे पाँवों पर छोड़ दो।’ तो फिर वह चिंतित क्यों हुई कि- ‘ये कैसी इच्छा/मेरे मन में जगी?’ नीचे दिए वाक्यों की सहायता से अपने विचार व्यक्त कीजिए-• उसे दूसरी कठपुतलियों की जिम्मेदारी महसूस होने लगी।• उसे शीघ्र स्वतंत्र होने की चिंता होने लगी।• वह स्वतंत्रता की इच्छा को साकार करने और स्वतंत्रता को हमेशा बनाए रखने के उपाय सोचने लगी।• वह डर गई, क्योंकि उसकी उम्र कम थी।NEXTनीचे दो स्वतंत्रता आंदोलनों के वर्ष दिए गए हैं। इन दोनों आंदोलनों के दो-दो स्वतंत्रता सैनानियों के नाम लिखिए-(क) सन् 1857(ख) सन् 1942
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