Q. 1

अक्षरों के महत्व की तरह ध्वनि के महत्व के बारे में जितना जानते हो, लिखो।

Answer :

अक्षरों के माध्यम से लिखित रूप में मानव अपने भाव व्यक्त कर सकता है जबकि ध्वनि के माध्यम से बोलकर अपने भाव व्यक्त कर सकता है| अक्षरों के बिना लिखना नामुंकिन है, ठीक उसी तरह ध्वनि के बिना बोलने के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता। जो भी हम सुनते हैं उस हर आवाज को ध्वनि कहा जाता है। अपनी भाषा की सार्थक ध्वनियों के उच्चारण द्वारा ही हम अपने भाव व्यक्त करते हैं। हमारे जीवन में अक्षर के साथ ही ध्वनियाँ भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं। दोनों का महत्त्व बराबर है|


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वैसे तो संख्याएँ संज्ञा होती हैं पर कभी-कभी ये विशेषण का काम भी करती हैं, जैसे नीचे लिखे वाक्य में -

हमारी धरती लगभग पाँच अरब साल पुरानी है।


कोई दस हजार साल पहले आदमी ने गाँवों को बसाना शुरू किया।


इन वाक्यों में रेखांकित अंश ‘साल’ संज्ञा के बारे में विशेष जानकारी दे रहे हैं, इसलिए ये संख्यावाचक विशेषण हैं। संख्यावाचक विशेषण का इस्तेमाल उन्हीं चीजों के लिए होता है जिन्हें गिना जा सके, जैसे- चार संतरे, पाँच बच्चे, तीन शहर आदि। पर यदि किसी चीज को गिना नहीं जा सकता तो उसके साथ संख्या वाले शब्दों के अलावा माप-तोल आदि के शब्दों का इस्तेमाल भी किया जाता है-


तीन जग पानी


एक किलो चीनी


यहाँ रेखांकित हिस्से परिणामवाचक विशेषण हैं क्योंकि इनका संबंध माप-तोल से है। अब नीचे लिखे हुए को पढ़ो। खाली स्थानों में बॉक्स में दिए गए माप-ताल के उचित शब्द छाँटकर लिखो।



तीन------------------- खीर दो ------------------- जमीन


छह -------------------- कपड़ा एक --------------------- रेत


दो -------------------- कॉप़फ़ी पाँच --------------------- बाजरा


एक -------------------- दूध तीन ---------------------- तेल


NCERT Hindi -वसंत भाग 1